कोरोना के साथ नया संकट आया अम्पन : डॉक्टरों, सुरक्षा बलों के लिए चुनौती

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अम्पन के आने से पहले समुद्र के हालात

वैश्विक महामारी नोवेल कोरोना वायरस (कोविड 19) के बढ़ते संक्रमण और दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत के बीच महाचक्रवात अम्पन राहत बलों, स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौती लेकर आ रहा है. भारत और बंगलादेश के तटीय इलाकों में टकराकर तबाही मचाने की ताकत रखने वाला ‘अम्पन’ पिछले 20 साल में बंगाल की खाड़ी से आने वाला सबसे सघन तूफ़ान है. टकराने से पहले ही इसने तटीय इलाकों पर असर डालना शुरू कर दिया है. तूफान के असर से असम और सिक्किम के पश्चिमी इलाकों में भारी वर्षा होने की आशंका है. बंगलादेश में थल सेना, नौसेना और वायु सेना का नेतृत्व करने वाली आर्म्ड फोर्सेस डिवीज़न (एएफडी -AFD) ने मोर्चा सम्भाला है. एएफडी ही स्थानीय एजेंसियों और आपदा प्रबन्धन मंत्रालय व विभागों के बीच तालमेल का काम कर रही है.

अम्पन की आमद को देखते हुए पश्चिम बंगाल के समुद्र तट से लगते इलाकों की आबादी से लोगों और पशुओं को हटाकर ऊंचाई वाली जगहों पर ले जाया जा रहा है. पहले से ही अलर्ट आने के बाद शुरू हुई ये प्रक्रिया और तेज कर दी गई है. भारत का पश्चिम बंगाल और ओडिशा जहाँ इसकी चपेट में आएगा वहीं ये बंगलादेश में ज्यादा नुकसान कर सकता है. दोनों मुल्कों के तटों पर आज शाम इसके टकराने की आशंका है. भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मुख्यंमंत्रियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है.

ओडिशा के केंद्रपाडा ज़िले अम्पन के आने से पहले सुरक्षित स्थानों पर ले जाये गये परिवारों से पुलिस अधिकारियों ने बात करके हालात का जायज़ा लिया.

राहत बचाव की तैयारी :

भारत में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ -NDRF) के महानिदेशक एस एन प्रधान ने बताया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में राहत और बचाव के काम के लिए कुल 41 टीमें बनाई गई हैं. उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ इस महा-चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने, इसके बारे में लोगों को जानकारी देने तथा जागरूकता पैदा करने जैसे सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं. एनडीआरएफ की टीमें जिला और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरे तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं. लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाने को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जा रही है.

चेतावनी :

वहीं भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा है कि 1999 के बाद यह दूसरा प्रचंड सुपर-साइक्लॉन है और उनका विभाग हालात पर लगातार निगाह रख रहा है. उन्होंने बताया कि चक्रवात से पश्चिम बंगाल, दक्षिणी और उत्तरी चौबीस परगना के अलावा हावड़ा, हुगली और कोलकाता जिलों में नुकसान की आशंका है. ओडिशा में जगतसिंहपुर, केन्द्रापाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर जिले भी तूफान के असर में आ सकते हैं. मछुआरों को सावधान कर दिया गया है कि अभी समुद्र का रुख न करें. मृत्युंजय महापात्रा का ये भी कहना है कि इस दौरान मोटरबोट और छोटे जहाज चलाना सही नहीं होगा. तूफान की आशंका वाले इलाकों में रेल और सड़क परिवहन भी इस दौरान स्थगित रहेगा. लोगों से इस दौरान अपने घरों में रहने को कहा गया है.

बच्चों को बिस्किट्स और चाकलेट बांटी

बंगलादेश में सेना तैयार :

अम्पन के बंगलादेश के खुलना और चट्टोग्राम (चटगांव) के बीच वाले इलाकों से टकराते हुए उत्तर और उत्तर पूर्व की तरफ बढ़ने के आसार हैं. बंगलादेश की इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन डायरेक्टोरेट (आईएसपीआर) के निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्लाह इबने ज़ैद ने कहा है कि सेना तुरंत किसी भी कार्रवाई को करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. सेना ने अपने ही स्तर पर प्रभावित लोगों में बांटने के लिए 18400 पैकेट तैयार कर रखे हैं. यही नहीं 313 स्पीड बोट्स, 15 जलशुद्धि संयंत्र, 239 आऊट बोट मोटर्स, 4 जापानी बचाव नौका, 6 फाइबर ग्लास बोट, 115 शार्क नौकाएं और 2 लैंडिंगक्राफ्ट वाहन तैयार हैं. थल सेना विमानन को बचाव और राहत वितरण के लिए तैयार करके रखा गया है.

बंगलादेश की नौसेना ने बचाव, राहत और चिकित्सा सुविधा की तीनों स्तर की अलग से तैयारी कर रखी है. बंगलादेश नौसेना के 25 जहाज़ चिट्टागाँव, खुलना और मोंगला में राहत, बचाव और चिकित्सा सुविधा देने के लिए तैनात हैं. चक्रवात के बाद ज़रूरत पड़ने पर तटीय इलाकों और समुद्र में तलाशी अभियान के लिए नौसेना ने दो गश्ती विमान और दो हेलिकॉप्टर भी तैयार रखे हैं, वहीं वायु सेना ने हर तरह के काम पर ज़रूरत पड़ने की सूरत में 6 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 22 हेलिकॉप्टरों को तैयार रखा है.

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