कोविड से जंग : ओएफबी एक लाख से ज़्यादा कवरआल्स बना रहा है

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कोरोना के संदिग्धों की स्क्रीनिंग, अस्पताल में इलाज एवं क्वारांटाइन उद्देश्यों के लिए बनाए गए 2 मीटर वाले विशेष तंबू (इनसेट) में सभी सुविधाएं मौजूद हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने वाले, अभी तक 90 हज़ार से ज्यादा मास्क बना चुका आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) मेडिकल मास्क भी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है. इसके साथ ही बोर्ड की फैक्टरी में, आईएसओ क्लास 3 एक्सपोजर मानदंडों के अनुरूप बनाये गये, कवरआल्स की सप्लाई भी शुरू हो गई है.

रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़ एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड (एचएलएल) से 1.10 लाख कवरआल्स बनाने के आरंभिक आर्डर को पूरा करने के लिए तेज़ी से काम चल रहा है जो 40 दिन में पूरा हो जाएगा. इसके साथ ही फैक्टरी बोर्ड ने 2 मीटर वाले विशेष तंबू भी बनाये हैं जिसे मेडिकल आपातकाल, स्क्रीनिंग, अस्पताल में इलाज एवं क्वारांटाइन उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ये वाटरप्रूफ कपड़े, माइल्ड स्टील और एल्युमिनियम अलाय के बनाए जाते हैं और इनकी सप्लाई भी शुरू हो चुकी है. वहीं आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड हैंड सैनिटाइजरों का निर्माण युद्ध स्तर करवा रहा है. अभी तक 70,000 लीटर से अधिक हैंड सेनिटाइजरों की विभिन्न एजेन्सियों को सप्लाई भी की चुकी है.

जहां तक कोरोना मरीजों के इलाज या संदिग्धों की देखभाल की बात है, ओएफबी की तरफ से ब्लड पेनेट्रेशन टेस्ट के लिए दो परीक्षण सुविधा केंद्रों (एक चेन्नई में एवं दूसरी कानपुर में) की स्थापना की गई है.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि 10 अस्पतालों में लगभग 280 बेड आइसोलेशन के लिए अलग रख दिए गए हैं. यह इंतजाम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आवश्यकता के अनुरूप किया गया है. ओएफबी एचएलएल द्वारा दिए गए पायलट ऑर्डर मात्रा के अनुसार फेस मास्क का उत्पादन करने का भी प्रयास किया जा रहा है. अब तक बने 90,000 से अधिक नॉन-मेडिकल मास्क बनाये गये बल्कि इनका वितरण भी किया जा चुका है. मेडिकल मास्क बनाने के लिए परीक्षण सुविधाएं भी इस सप्ताह के दौरान शुरू कर दी जाएंगी.

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