राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ( bhajan lal sharma) ने सोमवार को अपने कार्यालय में 78वें सेना दिवस समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने राज्य भर के नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होकर भारतीय सेना की वीरतापूर्ण विरासत को देखने और उसके बारे में जानने की अपील की. सेना के अधिकारियों ने बताया कि आम जनता सेना दिवस परेड 2026 (sena divas parade 2026 ) का पूर्वाभ्यास 9, 11 और 13 जनवरी को देख सकेंगे.
भारतीय सेना दिवस की महत्ता :
सेना दिवस 15 जनवरी, 1949 को फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा द्वारा अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ से भारतीय सेना की कमान संभालने की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर, भारतीय सेना उन सैनिकों की बहादुरी और समर्पण का सम्मान करती है जो देश और उसके नागरिकों की रक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से खुद को खतरे में डालते हैं.
क्या क्या होगा सेना दिवस परेड कार्यक्रम में :
जयपुर में हर दिन लगभग 1.5 लाख लोगों के परेड और रिहर्सल देखने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री भजनलाल (chief minister bhajan lal) ने अधिकारियों को स्कूल और कॉलेज के छात्रों, महिला समूहों, पूर्व सैनिकों और आम जनता के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया.
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का फ्लाई-पास्ट, एक औपचारिक मार्च पास्ट, और मिसाइलों, टैंकों, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन शामिल है.
नेपाल सेना बैंड भी परेड में हिस्सा लेगा. मुख्यमंत्री भजन लाल ने घोषणा की कि 15 जनवरी को एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या 2026’ का आयोजन किया जाएगा, जिसका रिहर्सल 10 जनवरी को होगा.
ड्रोन शो :
इस कार्यक्रम में फर्स्ट-डे कवर जारी किया जाएगा, शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, पारंपरिक मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया जाएगा, और ऑपरेशन सिंदूर पर एक भव्य लाइट एंड साउंड शो होगा। एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 1,000 ड्रोन वाला एक शानदार ड्रोन शो (drone show ) भी पेश किया जाएगा. इसके अलावा, ‘अपनी सेना को जानें’ प्रदर्शनी 8 से 12 जनवरी, 2026 तक सीकर रोड पर भवानी निकेतन कॉलेज कैंपस में आयोजित की जाएगी. प्रदर्शनी के दौरान नागरिकों को सेना के आधुनिक हथियार प्रणालियों और रक्षा प्रौद्योगिकियों को करीब से देखने का मौका मिलेगा.
सेना दिवस परेड समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, थल सेना की सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और राज्य सरकार और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.













