
अयातुल्ला अली खामनेई (ayatollah ali khamenei) की मौत के बाद ईरान ने 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. खामेनेई की मौत पर मातम केवल ईरान तक सीमित नहीं है बल्कि भारत समेत दुनिया के कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं. पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास पर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को गोलियां चलानी पड़ीं. इस हिंसा में कई लोगों के मारे जाने और कइयों के घायल होने की खबरें आई हैं . कतर, सऊदी अरब, इराक और अन्य देशों में भी विरोध हो रहा है. भारत में भी कई राज्यों में शिया मुसलामान विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं .
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ( united nations chief) एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका समर्थित इजराइल के हवाई हमलों की निंदा की है और ”क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने” के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला किया गया था . इस हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती के साथ साथ परिसर में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं. बताया जा रहा है कि हमले के वक्त खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे.
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने शनिवार देर रात खामनेई के मारे जाने की जानकारी दी थी. इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था. रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’ और ‘फार्स’ ने इसकी पुष्टि की.
इस बीच 67 वर्षीय अयातुल्ला अलिरेजा अराफी (ayatollah alireza arafi) को अंतरिम तौर पर ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया है . उधर ईरान की सेना ने ऐलान किया कि वह सबसे खतरनाक कार्रवाई की शुरुआत करने जा रही है. ईरान ने इजराइल समेत मध्य पूर्व के कई देशों में हमले शुरू कर दिए हैं. उसने विभिन्न देशों में अमेरिकी परिसरों को निशाना बनाया है.













