मिसाइल एक्सपर्ट रिअर एडमिरल संजय वात्सायन नौसेना के पूर्वी बेड़े के कमांडर

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रिअर एडमिरल संजय वात्सायन (बाएं) ने रिअर एडमिरल सूरज बेरी से भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की कमान सम्भाली.

रिअर एडमिरल संजय वात्सायन ने भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की कमान सम्भाल ली है. उन्हें रिअर एडमिरल सूरज बेरी ने विशाखापत्तनम में नौसेनिक परम्परा के मुताबिक़ आयोजित कार्यक्रम में कमान सौंपी. रिअर एडमिरल सूरज बेरी भारतीय नौसेना के अंडमान निकोबार स्थित ट्राय सर्विसेस के चीफ ऑफ़ स्टाफ नियुक्त किये गये हैं और वह जल्द ही अपना नया कार्यभार सम्भालेंगे.

भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की अग्रिम पंक्ति में युद्धपोत शामिल हैं जो भारतीय प्रशांत सागर क्षेत्र में शांतिकाल में भारत के सुरक्षा हितों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है.

एडमिरल संजय वात्सायन राष्ट्रीय रक्षा अकेडमी (खडकवासला), डिफेन्स सर्विस स्टाफ कॉलेज (वेलिंग्टन), नेवल वार कॉलेज (मुंबई) और दिल्ली के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के छात्र रहे हैं. मिसाइल प्रणाली के विशेषज्ञ रिअर एडमिरल संजय वात्सायन को समुद्र और तटीय क्षेत्रों का लम्बा अनुभव है. उन्होंने विभूति और नाशक मिसाइल पोत को कमान किया है. भारत में बने पोत सह्याद्री को जब नौसेना में कमीशन किया गया था तब रिअर एडमिरल संजय वात्सायन को उसकी कमान सौंपी गई थी.

एडमिरल संजय वात्सायन की प्रशासनिक क्षमताएं और विशेषताएं भी हैं. वे रक्षा मंत्रालय (नौसेना) के तहत एकीकृत मुख्यालय में तैनाती के वक्त कार्मिक नीति और नौसेना की योजनाओं को बनाने के काम में भी खास भूमिका में रहे हैं. वे अभी तक नई दिल्ली में सहायक चीफ ऑफ़ नेवल स्टाफ (नीति और नियोजन) के ओहदे पर थे.

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