एसपीजी प्रमुख आईपीएस अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा का देहावसान 

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भारत के प्रधानमंत्री  की सुरक्षा करने वाली विशेष सुरक्षा समूह  ( special  protection group -SPG) के प्रमुख अरुण कुमार सिन्हा का बुधवार सुबह  निधन हो गया. वह 61 साल के थे .

अरुण सिन्हा  भारतीय  पुलिस  सेवा (Indian police service ) के 1987 बैच के केरल कैडर के अधिकारी  थे  और 2016 से एसपीजी में तैनात थे.  इसी साल मई में  सेवानिवृत्ति  से पहले  श्री सिन्हा को  प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी  की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की  नियुक्ति मामलों की समिति ने  सेवा विस्तार दिया था.
आईपीएस अरुण सिन्हा  कुछ अरसा से बीमार थे . उनको लीवर में दिक्कत थी. गुरुग्राम स्थित मेदांता कैंसर अस्पताल में उनका ईलाज चल रहा था. 4 सितंबर को उनको यहां भर्ती किया गया था. यहीं 6 सितंबर की सुबह आईपीएस अरुण सिन्हा ने अंतिम सांस ली . सुबह के वक्त उनके परिवार के सदस्य उनके साथ थे .
एसपीजी में आने से पहले अरुण  सिन्हा 2016 में  केरल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  ( विशेष सेवा एवं यातायात ) थे . उनके आने से पहले 15 महीने तक एसपीजी के निदेशक  की कुर्सी खाली थी . एसपीजी के डायरेक्टर  अरुण सिन्हा की गिनती चुपचाप काम करने वाले लो प्रोफाइल अधिकारियों में होती थी .
एसपीजी क्या है :
विशेष सुरक्षा समूह   ( एसपीजी ) की स्थापना 31 अक्टूबर 1984 प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद संसद में पास प्रस्ताव के तहत  गई थी . इसका काम प्रधानमंत्री , पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा करना था.
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली  सरकार के कार्यकाल के दौरान  2019 में एसपीजी की जिम्मेदारियों में बदलाव संबंधित प्रस्ताव  संसद में पास किया गया . इसके तहत एसपीजी के सुरक्षा घेरे में रहने वाले वीआईपी  की संख्या कम कर दी गई . एसपीजी अब प्रधानमंत्री  और उनके साथ पीएम निवास पर रहने वाले परिवार के सदस्यों को अपना ही विशेष सुरक्षा घेरा मुहैया कराती है . साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री को पांच साल तक ही एसपीजी की सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया है .