भारत फ्रांस रक्षा सहयोग समझौते के 10 साल के किए नवीनीकृत होने के उम्मीद

4
भारत फ्रांस संबंध
भारत फ्रांस संबंध

भारत के रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह 17 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु में फ्रांस की सशस्त्र सेना और वयोवृद्ध मामलों की मंत्री कैथरीन वाउटरिन के साथ छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद की सह-अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जाएगी जिसमें औद्योगिक सहयोग के विस्तार पर ख़ास  ध्यान दिया जाएगा.

भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग की समीक्षा और मार्गदर्शन के लिए आयोजित एक संरचित मंत्रिस्तरीय द्विपक्षीय बैठक है. इस बैठक का 5वां संस्करण 11-13 अक्टूबर, 2023 को फ्रांस में  किया गया था. 12 अक्टूबर, 2025 को फ्रांस की रक्षा मंत्री बनने के बाद  कैथरीन वाउटरिन की भारत की यह पहली यात्रा होगी.

भारत के रक्षा  मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक़ , इस बैठक के दौरान, रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 साल के लिए नवीनीकृत किए जाने की उम्मीद है. इसके साथ ही दोनों रक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए संयुक्त उद्यम पर समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए जाने की भी संभावना है. भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती के संबंध में भी ऐलान  होने की उम्मीद है.

मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि रक्षा क्षेत्र परंपरागत रूप से दोनों देशों के बीच संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार रहा है। 2024-2025 में कई उच्चस्तरीय आदान-प्रदानों के माध्यम से मजबूत और स्थायी द्विपक्षीय संबंध स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुए.

हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते ने यूरोपीय देशों के साथ सामूहिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. भारत और फ्रांस नियमित रूप से तीन प्रमुख अभ्यास कर रहे हैं – थल सेना के साथ ‘शक्ति अभ्यास’, नौसेना के साथ ‘वरुण अभ्यास’ और वायु सेना के साथ ‘गरुड़ अभ्यास’.